Mana Ke hm yaar Nahi || Old Memory || Purani Yaadein || My Office Life..... - Amar Ujalas

Mana Ke hm yaar Nahi || Old Memory || Purani Yaadein || My Office Life…..

माना के हम यार नहीं
लो तय है के प्यार नहीं
माना के हम यार नहीं
लो तय है के प्यार नहीं
फिर भी नज़रें ना तुम मिलाना
दिल का ऐतबार नहीं
माना के हम यार नहीं
रास्ते में जो मिलो, तो हाथ मिलाने रुक जाना
हो, साथ में कोई हो तुम्हारे, दूर से ही तुम मुस्काना
लेकिन मुस्कान हो ऐसी, के जिसमें इकरार नहीं
लेकिन मुस्कान हो ऐसी, के जिसमें इकरार नहीं
नज़रों से ना करना तुम बयाँ
वो जिससे इन्कार नहीं
माना के हम यार नहीं
फूल जो बंद है पन्नो में, तुम उसको धूल बना देना
बातें छिड़ें जो मेरी कहीं, तुम उसको “भूल” बता देना
लेकिन वो भूल हो ऐसी जिससे बेज़ार नहीं
लेकिन वो भूल हो ऐसी जिस से बेज़ार नहीं
तू जो सोए, तो मेरी तरह
एक पल को भी करार नहीं
माना के हम यार नहीं

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